यूरोपीय कम्पनियों का आगमन आधुनिक भारत का इतिहास

आधुनिक भारत का इतिहास यूरोपीय कम्पनियों का आगमन
यूरोपीय कम्पनियों का आगमन
मुख्य मार्ग : 
  • 1 फारस की खाड़ी से इराक -} तुर्की -} भूमध्य सागर -} वेनिस (इटली ) स्विज़रलैंड (जेनेवा)
  • 2. लाल सागर -} मिस्र -} भूमध्यसागर –} वेनिस (इटली ) स्विज़रलैंड (जेनेवा)
  • 3.उतरी पच्छिमी सीमा प्रान्त -} रूस -} बाल्टिक सागर -} जर्मनी और यूरोपीय देश 

व्यापर की स्थिति
  • एशियाई व्यापर अरबवासियों के हाथो में
  • यूरोपीय व्यापर इतालियो के हाथो में था


1450 के बाद तुर्कों का कुस्तुन्तुनिया पर अधिकार हो गया था तो पूर्व में जाने के लिए जो फारस की खाड़ी और लाल सागर वाले मार्ग थे यूरोपियो के लिए बंद हो गए थे इसलिए यूरोप के व्यापरियों को जरुरत थी नए मार्ग की जो सुरक्षित हो उस समय स्पेन और पुर्तगाल नए नए राष्ट्र बने थे इन्होने विज्ञानं तकनिकी में विकास किया
तत्पशत 1494 में कोलम्बस नाम के स्पेन व्यापारी ने भारत को खोजने के चक्कर में अमेरिका को खोज निकाला
फिर 1498 में कोवास्कोडिगामा ने उतमासा अंतरिम का चक्कर लगाते हुए भारत को खोजा
यूरोप वासियों का आने का कारण
  • गर्म मसालों का व्यापर करना और आर्थिक लाभ लेना
  • और उस समय पूर्वी राष्ट्र बहुत धनि होते थे खासकर भारत और इंडोनेसिया 

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